नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर शर्मसार हुई है। वर्ष 2012 के निर्भया कांड के 14 साल बाद राजधानी में फिर उसी तरह की खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने दिल्लीवासियों को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने न केवल महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि दिल्ली पुलिस के सुरक्षा दावों की भी पोल खोल दी है। मामला दिल्ली के नांगलोई इलाके का बताया जा रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक पीड़ित महिला एक फैक्ट्री में काम करती है और घटना वाली रात ड्यूटी खत्म कर घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक प्राइवेट बस के चालक और परिचालक ने महिला को जबरन बस के अंदर खींच लिया। आरोप है कि दोनों दरिंदों ने करीब सात किलोमीटर तक बस दौड़ाते हुए महिला के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से बस की खिड़कियों के शीशों पर काली फिल्म चढ़ा रखी थी और पर्दे लगाए हुए थे, ताकि बाहर से किसी को अंदर की गतिविधि दिखाई न दे सके। पीड़िता के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रात करीब दो बजे उसे सुनसान सड़क पर फेंककर फरार हो गए। हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने थाने पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस हरकत में आई और ताबड़तोड़ छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय सुदेश और 26 वर्षीय अमन के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 70(1) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
Trending
गंगा भक्तों की रिकॉर्ड संख्या से हरिद्वार में दिखा आस्था और उत्साह का ज्वार
सीएम धामी के जमीनी अंदाज की किसानों और ग्रामीणों ने जमकर सराहना की
रणनीतिक सहयोग से उत्तराखंड के सहकारिता आंदोलन को मिली नई गति
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के बीच उत्तराखंड के सैन्य कर्मियों को मिली बड़ी खुशखबरी
बढ़ते जलस्तर से निपटने के लिए उत्तराखंड ने तैयार किया त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र
हिमालयी धामों में सेवाएं और सुविधाएं बढ़ाने के लिए मुकेश अंबानी का बड़ा दान
चुनाव से पहले मजबूत बूथ समितियों के गठन पर भाजपा अध्यक्ष का जोर
कैंची धाम स्थापना दिवस पर आस्था अपने चरम पर