Sep 20, 2026

काशीपुर में मुख्यमंत्री धामी ने छात्र छात्रओं से किया सीधा संवाद, पलायन, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण और तकनीकी नवाचार पर मांगे सुझाव

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काशीपुर। युवा शक्ति की सोच ही प्रदेश और देश के भविष्य का मार्ग तय करेगी। इसी विजन के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कुंडेश्वरी रोड स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित 'युवा विद्यार्थी संवाद' कार्यक्रम में प्रदेश के भावी कर्णधारों से सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों से पलायन रोकने, स्थानीय रोजगार, डिजिटल शिक्षा, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार पर बेबाक सुझाव मांगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कुंडेश्वरी रोड स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनके सपनों और सुझावों को जाना। काशीपुर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे सैकड़ों विद्यार्थियों ने पलायन, स्थानीय रोजगार, शिक्षा, डिजिटल तकनीक, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की सोच और उनके व्यावहारिक सुझाव उत्तराखंड के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री का विशेष हेलीकॉप्टर निर्धारित समय पर आईजीएल के अस्थायी हेलीपैड पर उतरा। यहां भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला कुंडेश्वरी रोड स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचा। कार्यक्रम स्थल पर भी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। औपचारिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और उनसे सवाल-जवाब करते हुए उनके विचार सुने। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कई सुझाव रखे। पलायन रोकने के लिए गांव और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने, शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल, आपदा के दौरान बेहतर प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें ‘जेन जी’ के बजाय ‘इंडियन जनरेशन’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह केवल नई पीढ़ी नहीं, बल्कि देश की अपनी पीढ़ी है, जिसकी सोच स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर तक पहुंच चुकी है। आज के युवा केवल नौकरी और करियर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश और देश के विकास से जुड़े विषयों पर भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। धामी ने कहा कि विद्यार्थियों के सुझावों से स्पष्ट है कि नई पीढ़ी उत्तराखंड के भविष्य को लेकर गंभीर है। युवाओं की सोच में स्थानीय समस्याओं के समाधान के साथ आधुनिक तकनीक और नवाचार का समावेश दिखाई देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने सपनों को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें, बल्कि अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज और प्रदेश के हित में भी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प देश के सामने रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उत्तराखंड की युवा शक्ति अपनी प्रतिभा, ऊर्जा, तकनीकी ज्ञान और नवाचार के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय का उत्तराखंड युवाओं के सपनों और अपेक्षाओं के अनुरूप आकार लेगा। सरकार का प्रयास है कि युवाओं की बात केवल संवाद कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि उपयोगी सुझावों को विकास की योजनाओं और नीतियों से जोड़ने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें बेहतर शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, अवसर और अपनी क्षमता दिखाने का मंच उपलब्ध कराने की है। पर्यटन, कृषि, स्थानीय संसाधनों, स्वरोजगार और तकनीकी क्षेत्रों में संभावनाओं का उपयोग कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं होगा। इसके लिए गांव और स्थानीय स्तर पर ऐसे अवसर तैयार करने होंगे, जहां युवा अपने क्षेत्र में रहकर आगे बढ़ सकें। विद्यार्थियों के सुझाव इस दिशा में सरकार को नई सोच और नए रास्ते दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा में तकनीक के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों ने विद्यार्थियों के लिए सीखने के अवसरों का विस्तार किया है। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने युवाओं से तकनीक का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और नवाचार बढ़ाने के लिए करने का आह्वान किया। उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों ने आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर भी सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय राज्य में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी है। विकास योजनाएं राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की जागरूकता और तकनीकी सोच इस दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के सामने खुलकर सवाल और सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और विभिन्न विषयों पर संवाद करते हुए उन्हें आगे बढ़ने तथा उत्तराखंड के विकास में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों में उत्साह और संतोष का भाव नजर आया।